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Jayantsen Museum

स्वस्तिक आकर में नौ खंडात्मक निर्मित म्यूजियम विश्वदर्शन व् जैन संस्कृति का अनूठा संगम, इतिहास - भूगोल एवं तत्त्वज्ञान का साकार अवतरण, अतीत का असाधारण दर्शन, तीर्थ भूमियों की भव्यता का भरपूर अंकन, विश्व का अद्भुत, आत्मिक, अनुपम, अलौकिक कलाओं का सर्जनता का क्षेत्र है|
साथ ही यहाँ पर विशाल प्रवचन हॉल, जिनालय, गुरु मंदिर, कीर्ति स्तम्भ भोजनशाला, एसी. / नॉन एसी रूम आदि सुविधायें भी उपलब्ध है|
Pravachan Hall
Bhojan Shala
Jin Mandir
Guru Mandir
Rooms
इनकी दृष्टि में म्यूजियम

एक विचार इन्हीं के शब्दों में

Near By

Tirth to Visit

Mohankheda Tirth

गुरुभूमि - तीर्थ भूमि - पुण्य भूमि - धर्म भूमि -त्याग भूमि श्री मोहन खेड़ा तीर्थ

जयन्तसेन म्यूजियम से दूरी - 1 K.M.

Bhopavar Tirth

87000 वर्ष प्राचीन श्री शांतिनाथ भगवान् प्रतिमाजी विराजीत भोपावर महातीर्थ की ऐतिहासिकता मालव भूमि पर राज मुकुट से हजारो गुणा शोभायमान भोपावर महातीर्थ इंदौर-अहमदाबाद सड़क राजमार्ग पर माही नदी के निकट स्थित है|

जयन्तसेन म्यूजियम से दूरी - 13 K.M.

Amijhara Tirth

अमीझरा तीर्थ, जिसे श्री अमीझरा पार्श्वनाथ तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एक प्राचीन जैन तीर्थस्थल है, जो 108 पार्श्वनाथ तीर्थ माला में शामिल है.

जयन्तसेन म्यूजियम से दूरी - 31 K.M.

Bhaktambar Mahatirth

श्री भक्तांबर अभ्युदयधाम आदिनाथ श्वेतांबर जैन तीर्थ, यह तीर्थस्थल अद्वितीय है। मूलनायक आदिनाथ भगवान हैं और भक्तामर के हर श्लोक के लिए आसपास छोटे-छोटे मंदिर हैं।

जयन्तसेन म्यूजियम से दूरी - 44 K.M.

Mandavgarh Tirth

मांडवगढ़, जिसे मांडू भी कहा जाता है, मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण जैन तीर्थ है, जो विंध्य पर्वत की चोटी पर मांडवगढ़ किले के विशाल परिसर में स्थित है.

जयन्तसेन म्यूजियम से दूरी - 83 K.M.