Jayantsen Museum

Since 2003...

श्री जयंतसेन म्यूजियम विश्व का अद्भुत, स्वस्तिक आकार में निर्मित, जैन धर्म का इतिहास, भूगोल, सिद्धांत, प्रभाव, आस्था, संस्कृति का विशेष परिचायक है| जयंतसेन म्यूजियम दिनांक 15 जनवरी 2003 को प.पू. पुण्य सम्राट, युग प्रभावक, श्रीमदविजय जयंतसेनसूरीश्वरजी म.सा. द्वारा स्थापित किया गया व श्री राज राजेंद्र जैन श्वे. तीर्थ दर्शन पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा यह संचालित है|

साथ ही पुण्य सम्राट की परिकल्पना महाविदेह धाम को श्री जयंतसेन म्यूजियम में साकार किया जा रहा है| जिसमें श्री सीमंधरस्वामीजी जिन मंदिर, श्री राजेंद्रसूरी व श्री जयंतसेनसूरी गुरुमंदिर का निर्माण किया जा रहा है| साथ ही यहाँ पर विशाल प्रवचन हॉल, जिनालय, गुरु मंदिर, कीर्ति स्तम्भ, जयंतसेनसूरि ज्ञान भंडार, भोजनशाला, एसी. / नॉन एसी रूम, धार्मिक - सामाजिक - मांगलिक कार्यक्रमों हेतु 20000 वर्गफीट वाटर प्रूफ शेड व हॉल की प्रथक व्यवस्था, आनंद शांति प्राप्ति हेतु भव्य बगीचा युक्त परिसर आदि सुविधायें भी उपलब्ध है|

Let's View

Jayantsen Museum

Shri Raj Rajendra Jain Shwetamber Tirth Darshan Public Charitable Trust

Board of Trust

श्री सूर्यप्रकाशजी भंडारी, चेन्नई       (अध्यक्ष)
श्री नरेंदजी श्रीश्रीमाल, चेन्नई       (उपाध्यक्ष)
श्री रमेशभाई वोरा, नडियाद       (उपाध्यक्ष)
श्री मुकेशजी जैन (नाकोड़ा), झाबुआ       (सचिव)
श्री संजयजी मोतीलालजी हरण, राजगढ़       (सह सचिव)
श्री अमृतलालजी जैन, बाग       (कोषाध्यक्ष)